
प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य के संभल जिले में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद पर कार्रवाई रोकने की याचिका निरस्त कर दी है । इसके कारण अब मस्जिद पर बुलडोजर द्वारा कार्रवाई की जाएगी । यह मस्जिद असमोली क्षेत्र के राया बुजुर्ग गांव में स्थित है । यह मस्जिद लगभग 10 वर्ष पूर्व सरकारी तालाब की भूमि पर बनाई गई थी । इसका निर्माण गांव के ही मिंजार हुसैन ने किया था, जो स्वयं इस मस्जिद के मौलाना (इस्लाम के विद्वान) एवं मुतवल्ली (प्रबंधक) हैं ।
जिले में चल रहे सरकारी भूमियों के सर्वेक्षण में इस मस्जिद का पता चला । इसके उपरांत कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आरंभ की गई । 2 अक्टूबर को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सबसे पहले मस्जिद के पास बना विवाह हॉल तोड दिया गया । जब मस्जिद तोडने का समय आया, तो मुसलमानों ने 4 दिन की समयावधि मांगी जिससे वे इसे स्वयं हटा सकें । प्रशासन ने समय दिया है तथा उसी दिन मुसलमानों ने मस्जिद की बाहरी दीवार तोडना आरंभ कर दिया । अगले ही दिन मुतवल्ली मिंजार हुसैन ने उच्च न्यायालय में एक तत्काल याचिका प्रविष्ट कर मस्जिद का ध्वस्तीकरण रोकने की मांग की; परंतु उच्च न्यायालय ने इसे निरस्त कर दिया ।

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