
प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज़। आधुनिक भारत का रंग हिंदुस्तान को इस क़दर चढ़ा है मानों विदेशी संस्कारों का प्रचलन सा हो चला है। वर्तमान में विदेशी संस्कारों को भारत में कपड़ों और चाल चलन में देख सकते हैं। आधुनिक भारत के आड़ में वर्तमान को देखें तो यह पता चलता है कि जितनी भारत में विकास की गाड़ी की गति तेज़ होती जा रही है ठीक उसके विपरीत भारत के संस्कारों पर भी कुठाराघात होता दिख रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण वर्तमान में रेप बलात्कार और हत्या जैसे घिनौनी अपराधों को खुलेआम अंज़ाम दिया जा रहा है। इन सभी घटनाओं का मुख्य कारण यूट्यूब और आजकल बड़े बड़े पर्दों पर सेंसर बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे अश्लील फिल्मों का चलन है। आप देख सकते हैं आज कल 10 से 12 वर्ष की नाबालिक लड़कियां भी प्रेगनेंट और उनका भी गैंग रैप जैसे जघन्य अपराध में फसते जा रहे हैं। आखिर उन छोटी और कच्चे बच्चों का भविष्य का निर्माण कैसे और किस हाल में हो रहा है आप वर्तमान में बलराम के कोरंधा में नाबालिक लड़के लड़कियां किस तरह अपने भविष्य को अंधकार में धकेलते जा रहे हैं। इसका एक प्रमुख कारण यूट्यूब पर अश्लील फिल्मों और सेंसर बोर्ड जो कि भारत सरकार को चंद रूपियों का टैक्स देकर अश्लील और नंगी फिल्मों को धड्डले से चला रही है। इसका सीधा असर छोटे और भोले भाले बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। क्योंकि इसे ही देखकर वो अपनी तरफ बढ़ने वाली अपराधों को समझने में गुमराह होते जा रहे हैं।
_आखिर भारत सरकार इस पर बैन क्यों नही लगाती है?
_क्या नन्हें मुन्ने बच्चों का भविष्य ऐसे ही यूट्यूब और सेंसर बोर्ड के द्वारा नंगी और अश्लील वीडियो/फिल्मों को देखकर होती रहेगी?
_क्या भारत सरकार को इनके भविष्य की कोई परवाह नहीं?
_क्या नए भारत की यही पहचान है?
_ क्या सेंसर बोर्ड का अश्लील और नंगी फिल्मों को पर्दे पर चलने से पूर्व भारत सरकार को नहीं दिखाया जाता?

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