कोरबा। भारत में कई चिटफंड कंपनियों ने अपना डेरा जमाया और लोगों बेवकूफ बनाकर पैसे ऐंठ कर उड़न छू हो गए। इसमें शासन प्रशासन की कोई जवाबदारी नहीं होती। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला में ग्रामीण से लेकर शहरी अंचल के लगभग सभी महिलाओं को फ्लोरा मैक्स ने उल्लू बनाया। फ्लोरा मैक्स ने सुनियोजित ढंग से अपना काम को अंजाम दिया है। इसमें पीड़ित महिला पुरुष ने कभी भी फ्लोरा मैक्स में जुड़ने से पहले छत्तीसगढ़ सरकार से कोई इजाज़त नहीं मांगी और न तो कोरबा कलेक्टर से। मगर आज सैकड़ों महिलाओं के मुंह पर शासन प्रशासन से मांग कर रही है कि उनकी मांगें पूरी की जाए। बेशक पूरी की जाती बशर्ते उनकी मांगें लोगों के भलाई या फिर कोई जागरूक होता। मगर फ्लोरा मैक्स से जुड़ने से पहले ये लोग न तो छत्तीसगढ़ सरकार से अनुमति लिए हैं और ना ही अपने जिलाधीश से, फिर किस बिना पर उनसे (शासन/प्रशासन) से मांगें कर रही है।
गौरतलब है कि जितने भी लोगों ने फ्लोरा मैक्स कंपनी में जुड़े हैं वो सब अपनी मर्जी के मालिक हैं। कई लोगों से पूछने पर उन्होंने ये बताया कि अगर हम किसी को फ्लोरा मैक्स में न जुड़ने के लिए बोलते तो उन्हें लगता था कि हमें उनसे और उनके कमाई से जलन हो रही है और खरी खोटी सुनाते थे। आखिरकार कई फर्जी कंपनियों की तरह फ्लोरा मैक्स भी पैसे लेकर फरार हो गई।
आखिर क्या समझते हैं ये लोग, अगर ये कमाएं तो ठीक और अगर नुकसान हुआ तो जवाबदारी शासन प्रशासन की।

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