December 1, 2025

Prakhar Rashtravad NEWS

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दीपावली के निमित्त संत श्री आसाराम जी बापू आश्रम कोरबा ने जिले के दूरस्थ अंचल के कई बीहड़ आदिवासी क्षेत्रों में बांटा विभिन्न जीवनोपयोगी सामग्री, किए नर नारायणों की सेवा।

प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज छत्तीसगढ/कोरबा – दीपावली के पावन पर्व पर पूरे भारतवर्ष में संत श्री आसाराम जी बापू के 450 से अधिक आश्रमो में विभिन्न सेवा प्रकल्प चलाए जाते हैं,पिछले 60 वर्ष से अधिक समय से प्रतिवर्ष दीपावली के निमित्त देश के प्रत्येक जिले के कई बीहड़ आदिवासी क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की जीवनोपयोगी सामग्रीयां,मिठाइयां,बच्चों के लिए कपड़े,पादुका एवं अन्य वस्तु वितरण किए जाते रहे हैं

,नर नारायणों की सेवा में तत्परता से कार्य करने वाले छत्तीसगढ़ के जिला कोरबा में स्थित संत श्री आसाराम जी बापू आश्रम इस हेतु सदैव अग्रणी रहा है,

संत श्री आसाराम जी बापू आश्रम कोरबा इस बार अपनी दीपोत्सव का त्योहार जिले के कई बीहड़ आदिवासी क्षेत्रों में जरूरत मंदो को विभिन्न प्रकार की जीवनोपयोगी सामग्रीयां, मिठाइयां, बच्चों को नए कपड़े,विद्यार्थियों के जीवन को संस्कारित करने वाले सत्साहित्य,पादुका बांट कर मना रहा है,जिले के दूरस्थ अंचल के ग्राम लेमरू में महिला उत्थान मंडल,श्री योग वेदांत सेवा समिति,युवा सेवा संघ द्वारा किए गए सेवा कार्य की कुछ तस्वीर को देखने के पश्चात कहा जा सकता है कि खुशी का पावन पर्व तो ऐसे ही सबके साथ,सबके चेहरे में हंसी के साथ मनाया जाना चाहिए।

पर आश्चर्य है!

संत श्री आसाराम जी बापू के पिछले 12 – 13 वर्ष से कारावास में निरुद्ध होने के बावजूद सेवा कार्य अनवरत, सुव्यवस्थित,और तत्परता से संचालित हो रहे हैं ये जरूर आश्चर्य करने वाली बात है।

संत श्री आसाराम जी बापू किस मामले में आजीवन सजा काट रहे हैं?क्या उन पर इस तरह अत्याचार करना सही है?

पिछले 60 वर्षों से अपने पूरे जीवन समाज कल्याण,राष्ट्र निर्माण,राष्ट्र जागरण,राष्ट्र उत्थान,राष्ट्र सेवा,सनातन धर्म की सेवा में लगाने वाले 87 वर्षीय बीमार संत को छेड़छाड़ (आईपीसी की धारा 354) के झूठे मामले में पिछले 12 – 13 वर्ष से जोधपुर कारागृह में निरुद्ध किया गया है,सेवा के नाम पर धर्मांतरण की फैक्ट्री चलाने वाले ईसाई मिशनरियों के मार्ग के सबसे बड़े विघ्न बने संत श्री आसाराम जी बापू को छेड़छाड़ के झूठे मामले में आरोपी बनाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है,वहीं हिंदुत्ववादी पार्टी कहे जाने वाले बीजेपी की स्थानीय प्रदेश सरकार ने वृद्ध संत के जमानत का सदैव विरोध किया है।