प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज़। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बरडीही तथा आश्रित ग्रामों से लगभग 100 से अधिक ग्रामीणों ने रविवार को नशे के विरुद्ध सामूहिक शपथ ली। आज कल नशा एक रुतबा बन गया है नव युवकों नव युवती में एक फैशन सा हो गया है। ये संस्कार भारत के तो हैं नहीं किंतु ये संस्कार भारत में आया कैसे? ये एक सोचने वाली विषय होगी कि ये शराब वास्तव में ऐतिहासिक शान है जिसे राजा महाराजाओं को युद्ध के लिए लाचार और निर्बल बनाने की योजना से अंग्रेजों ने ये जाल बिछाया जिसे भारतीयों को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगर हम ये कहें कि ग्रामीणों में आज शराब का लत जो लोगों पर व्याप्त है वो एक शर्मनाक स्थिति है जो भारत की वर्तमान से लेकर भविष्य को इंगित करता है। एक बात समझ नहीं आता कि आज से नहीं पूर्व से या यूं कहें शीर्ष से ही भारत सरकार शराब से अर्थ कमा रही है। इससे राज्य और केंद्र में अधिक से अधिक धन की प्राप्ति होती है, इससे चाहे भारत के युवाओं या युवतियों को दलदल में क्यों न जाना पड़े। आखिरकार शराब के खिलाफ तो सरकार को बोलना चाहिए। क्योंकि इससे पूरे भारत के भविष्य पर प्रभाव पड़ रहा है। लोग चाहे कितना भी परहेज या रोक थम करें जब तक भारत में ये शराब पूर्णतयाः बंद नहीं होगी तब तक भारत का भविष्य दर बदर बत्तर होती जाएगी।


More Stories
भालूसटका (नकटीखार) में 25 अक्टूबर को जसगीत कार्यक्रम आयोजित,क्षेत्रीय सांसद होंगी मुख्य अतिथि
दीपावली के निमित्त संत श्री आसाराम जी बापू आश्रम कोरबा ने जिले के दूरस्थ अंचल के कई बीहड़ आदिवासी क्षेत्रों में बांटा विभिन्न जीवनोपयोगी सामग्री, किए नर नारायणों की सेवा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू देता है मानवता का परिचय, चिकित्सक भी उत्साहित