
प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज छत्तीसगढ़/कोरबा – छत्तीसगढ़ के कोरबा में आएदिन लगातार सरकारी भूमि अतिक्रमण का मामला देखने/सुनने को मिलते हैं। शासन प्रशासन भी मुस्तैदी से शासकीय भूमि अतिक्रमण पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्यवाही करने को तत्पर दिखाई देती है। पर कोरबा नगर सहित जिले के अन्य तहसीलों में दूरस्थ ग्रामों में भी शासकीय भूमियों में अतिक्रमण चरम में है।
एक मामला जिला के दर्री तहसील के अंतर्गत ग्राम अगारखार का है जहां गौरी शंकर अग्रवाल द्वारा अपने स्वयं के निजी भूमि खसरा नंबर 174/1 रकबा 0.061 हे.से लगी शासकीय भूमि खसरा नंबर 462/1 पर कब्जा कर भवन निर्माण कराया गया है।प्रशासनिक सूत्र के आधार पर उक्त शासकीय भूमि की लगभग 50 – 60 से अधिक सागौन वृक्ष बिना किसी सक्षम अधिकारी के कटवाकर, साक्ष्य छुपाने ठूंठ को भी जलवा दिया गया है।
तत्संबंध में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद उक्त भूमि में अब भी हो रहे बाउंड्रीवाल की निर्माण कार्य स्थगित नहीं कराई गई है।
प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज के प्रशासनिक सूत्र के अनुसार – संबंधित तहसीलदार के द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने आदेश जारी कर दी गई है, जल्द कार्यवाही करने की बात तहसीलदार दर्री के द्वारा कही गई है।
शासकीय भूमि पर कब्जा कर भवन निर्माण करने,उस पर लगे लगभग 50 -60 से अधिक सागौन के वृक्ष को बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के कटवाकर,साक्ष्य छुपाने ठूंठ को भी जलवाने वाले गौरीशंकर अग्रवाल के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा से भी शिकायत की गई थी। अनुभागीय अधिकारी कटघोरा रोहित सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गौरी शंकर अग्रवाल को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि आपके द्वारा किया गया उक्त कृत्य छ.ग.भू – राजस्व संहिता 1959 की धारा 240 एवं 241 के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।क्यों न आपके विरुद्ध छ. ग. भू -राजस्व संहिता 1959 की धारा 253 एवं वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत कार्यवाही किया जावे।



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