March 2, 2026

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मध्यप्रदेश के इंदौर में 300 वकीलों ने मस्जिदों से हो रहे ध्वनि प्रदुषण के खिलाफ कमिश्नर को सौंपे ज्ञापन

प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज़ l संविधान और कानून के होते हुए ऐसे कृत्य हो रहे हैं। और सऊदी अरब तक मे लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर बैन है तो फिर भारत में बैन क्यों नहीं हो सकता ? वकीलों का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) A और अनुच्छेद 21 को ध्वनि प्रदूषण से जान के खतरे के तौर पर माना गया है। इसके अलावा अनुच्छेद 51 A (G) में भी व्यक्ति के मौलिक कर्तव्यों के तौर पर पर्यावरण संरक्षण को बताया गया है।

इसमें मौलाना मुफ्ती सईद बनाम पश्चिम बंगाल सरकार के मामले में कोलकाता हाई कोर्ट (Kolkata high court) के फैसले का भी जिक्र किया गया है, जिसमें हाई कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण के मसले पर कहा था कि प्रत्येक व्यक्ति को उसके धर्म का पालन करने का अधिकार तो है, लेकिन इससे उसे ध्वनि प्रदूषण फैलाने का अधिकार नहीं मिल जाता है। मध्य प्रदेश के इंदौर में वकीलों ने प्रशासन का ध्यान मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर और उससे होने वाली समस्याओं की ओर खींचा है। इस संबंध में ज्ञापन सौंपते हुए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक की माँग की गई है। कहा गया है कि ये लाउडस्पीकर बिना किसी कानूनी इजाजत के लगाए गए हैं। इनसे होने वाला ध्वनि प्रदूषण जानलेवा है और इससे आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। 300 वकीलों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक की मांग भी किये l उन्होंने मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर और उससे होने वाली समस्याओं की ओर ध्यान खींचा।