प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज:-यूक्रेन तबाही के उस दौर से गुजर रहा है, जिसे इतिहास कभी भुला नहीं पाएगा। कभी यूक्रेन के सबसे अच्छे शहरों में शुमार होने वाले नाम इस समय रूसी आक्रामकता की विभीषिका को झेल रहे हैं। यहां सबकुछ खत्म हो चुका है। एक पल को कदम रोक लेने वाली इमारतें खंडहर बन गई हैं। टैंक, मिसाइल और गोलीबारी के दाग इन इमारतों से झांक-झांक कर अपने ऊपर हुए वीभत्स हमलों की गवाही दे रहे हैं।
मलबे में ढेर इमारत,मासूम का क्या दोष था
भले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन लाख सफाई दे रहे हों कि, उनके सैनिकों ने नागरिक इलाकों को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन यूक्रेन के इरपिन शहर की एक तस्वीर उनके झूठ से पर्दा उठाती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इरपिन शहर की इस तस्वीर में एक यूक्रेनी सैनिक एक मासूम को बचाने का प्रयास कर रहा है। पीछे पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में हर कोई दोनों देशों से यही सवाल करेगा कि, आखिर इस मासूम का दोष क्या था।

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संत श्री आसाराम जी बापू का अवतरण दिवस को विश्व सेवा सत्संग दिवस के रूप में मनाया गया।