June 1, 2026

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पीएम जनमन सड़क में भ्रष्टाचार पर ग्रामीणों में आक्रोश, ग्राम पंचायत पतरापाली – कोरवा बस्ती सड़क निर्माण पर जांच की उठी मांग, अधिवक्ता डॉ. संतोष मिश्रा ने लिखा कलेक्टर को पत्र, जनदर्शन में भी हुई शिकायत….

प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज़। कोरबा जिले में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम 04 मई 2026 दिन सोमवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (जनमन) के तहत निर्मित सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ताओं ने ग्राम पंचायत पतरापाली से पहाड़ी कोरवा बसाहट तक बनी लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कोरबा सांसद श्रीमतीज्योत्सनाचरणदास महंत प्रतिनिधि डॉ संतोष मिश्रा (अधिवक्ता) से की। जिस पर डॉ संतोष मिश्रा ने जिले में संचालित जनदर्शन में कार्यवाही के लिए कहा साथ उन्होंने ये भी कहा कि इस प्रकार के सरकारी लाभार्थियों को हानि पहुंचाने वाले के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही कराने की कोशिश करेंगे जिससे आगे इस तरह के भ्रष्टाचार में विराम लग सके और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभार्थियों को लाभ मिल सके कहते हुए जिला कलेक्टर को कार्यवाही और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते शिकायत पत्र लिखा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त सड़क का निर्माण पीएम जनमन योजना के अंतर्गत लगभग 64.44 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। कार्य का निष्पादन ठेकेदार मेसर्स श्री साई एसोसिएट, रायगढ़ द्वारा किया गया। हालांकि, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है। और इसमें व्यापक लापरवाही बरती गई है। ग्रामीणों का कहना यह भी है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है और ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य किया गया है। विशेष रूप से कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, कोरबा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित ‘प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन)’ का उद्देश्य विशेष रूप से आदिवासी (बनवासी, पहाड़ी कोरवा) क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा में अनियमितता के आरोप न केवल योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदार, संबंधित अधिकारी और इंजीनियरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही पुनः न दोहराए जायें।