
प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज़। कोरबा जिला में रेत दलालों के हौसले दिन ब दिन बुलंद होते जा रहे हैं। गौरतलब हो कि ये किस्सा रेत दलालों की पहली किस्सा नहीं होगी। चुईया, रजगामार (केसला), जिल्गा-बरपाली, कुदमुरा-हाटी मार्गों पर स्थित नदियों से खुलेआम रेतों का उत्खनन करते आ रहे हैं। इन रेत माफियाओं को विभाग का तनिक भी भय नहीं रहा। दरअसल रेत दलालों से पूछे जाने पर रायल्टी के जगह पर पैसे का इशारे से रायल्टी बताते हैं यानी रायल्टी न भी हो तो कोई बात नहीं पैसे दो और मनमानी रेत निकाल अपना उल्लू सीधा करो। हद तो तब हो गई है जब सुराकछार (भैरोताल) के लोगों ने बताया कि रेत भंडारण से १०० रूपिये प्रति ट्रेक्टर के हिसाब से निकाला और बेचा जा रहा है। मगर इसकी जानकारी संबंधित विभागों को दी जाती है बावजूद इसके कि रिश्वतों से हिस्सा बंधे होते हैं तो कौन क्या करे। आखिर इतनी लाचार और निकम्मा हुए विभाग और सतर्क सक्रिय रेत माफियाओं और दलालों को किसी की परवाह बिना अपने कामों को जद्दोजहद अंज़ाम दिया जाता है। और प्रशासन मौन चुप चाप तमाशबीन बनी देखती रहती है। आखिर इतने बेखौफ़ कैसे।

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