
प्रखर राष्ट्रवादन्यूज़। आज के दौर में संगीत के बिना जीवन एक वीरान सा लगने लगता है। जीवन में संगीत का होना उतना ही आवश्यक है जितना कि जीने के लिए सांस। विश्व में संगीत के अनगिनत घराने हैं, उन अनगिनत घरानों में एक प्रमुख घराना ग्वालियर घराना है। ग्वालियर घराने से परांगत शिक्षक छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अक्षय चतुर्वेदीजी जो कि तबला, गिटार, तानपुरा, हारमोनियम वादन और मुख्य रूप से क्लासिकल से लेकर शास्त्रीय संगीतों के साथ साथ ग़ज़लों और क्लासिकल गायन से प्रशिक्षित करते हैं। प्रशिक्षण का स्थान सुगंधा विहार, मकान नंबर 62, न्यूएरा प्रोग्रेसिव स्कूल हनुमान मंदिर, तहसील ऑफिस के पीछे कोरबा है।

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संत श्री आसाराम जी बापू का अवतरण दिवस को विश्व सेवा सत्संग दिवस के रूप में मनाया गया।